Wo nari thi…

Wo sita nai wo nari thi,duniya ke nazron se haari thisapno ke bhawandar me dubikhud ko samajh li, jag ki pyari thi. dhobin ki chaya samaj meuthane ko aage aayi thinasamajh kya janti thi woki wo mahaan bhalepar thi to nari hi. ayodhya jaise desh ki,bhale hi maharani thipar haar ke bhi aakhirwo nari thi … More Wo nari thi…

आज फिर से कुछ लिख रही हूँ…

काफी अरसों के बाद कुछ लिख रही हूँ , अपने जज्बातों को कागज़ पर सिल रही हूँ वैसे तो काफी मौके आते है तुम्हे कुछ सुनाने के पर आज तुम्हारे रूबरू खुद ही से मिल रही हूँ हर रोज़ उस महीनो में जहा बंद कमरे में सुस्ताया करती थी दिन भर आलस और नींद के … More आज फिर से कुछ लिख रही हूँ…

मैं पिघल गयी ….

वैसे तो लड़के मुझे कुछ खास पसंद नही अल्हड़ और बदतमीज़ पर उसे देख के मैं पिघल गयी बड़ा ही स्टड बॉय था वो मार धाड़ तो उसका रोज़ का काम पर उस दिन जब उसे अपनी बीएमडब्लू से उतर कर उस पप्पी की जान बचाते हुए देखा तो मैं पिघल गयी लड़कियाँ घुमाना उसका … More मैं पिघल गयी ….

Not without you!

It’s not that I cannot live without youIt is just that I don’t want to see a life without youIt’s not that sunset is less beautiful when I see it alone, It’s just that I don’t want to enjoy its beauty without you. It’s not that I cannot solve my own problemsIt’s just that I … More Not without you!

I am the woman

I am the fire, ready to ablaze, burning the path fearless. The raging flame ready to devour everything that dominates my way. I am the spark, standing on its threshold to meet its purpose, ignited by society and the commoners alike. I am the firewood, providing wind to the weak, to the slow and the … More I am the woman

हार मानने को दिल नहीं करता …

कितना कुछ हो जाता है, बदलते वक़्त के साथ मैं सह जाती हूँ सारी  बातें, कुछ ज़बरजस्ती, कुछ हक क साथ पर जितना भी ही सोच लू,  हार मानने को दिल नहीं करता   हर बार गिरती हूँ , गिर  के थोड़ी सी सभालती हूँ तंग आ कर खुद को मनाती हूँ, धीरे से बातें … More हार मानने को दिल नहीं करता …