एक अनोखी शाम …..

उस सुनहरी शाम में ढलते सूरज के लालिमा से ढकी चढ़ते हुए चाँद की चांदनी में सजी एक अनोखी मदहोशी सी छा रही थी हर शाम तारों से सजी समूचे आकाश में तन के फैलती हुई रात्रि अपने आँचल की सिकुड़ती हुई रंगीनियों को देखकर बरबस चरमरा रही थी ढोल बाजे की धुन पर नाचते…

याद हैं न?

वो दो लफ़्ज़ों की बातें, वो दो किस्सों की रातें वो दो पलों की मुलाकातें याद हैं न?   वो दो तारे जगमगाते वो दो जाम छलकाते वो दो गाने गुनगुनाते हम याद हैं न?   वो दो पलों का श्रृंगार, वो दो पलों का दीदार दीवार की ओट से झांकना उन्ही दो लम्हो में…

Marriage Expenses- A flush of Money!!

A girl close to my house was married off in a hurry to a NRI because he was ready to bear all the marriage expenses. The girl did not like the guy, she said he was suspicious but she was reprimanded, having said that marriage is not a play. They would never be able to…